7 sign you are going to be success

7 sign you are going to be success 

7 sign you are going to be success



 पिछले कई सालों में हमने कई सक्सेसफुल लोगों को सालों तक स्टडी की है। उनके बारे में जाना है। उनकी साइकॉलजी बिहेवियर और लाइफ फिलॉसफी को समझा और युवा। जितने भी हमारे खुद बिजनेस मैन, एन्टरप्रेन्योर या किसी भी अदर फील्ड में सक्सेसफुल फ्रेंड्स हैं जो आज वैसी लाइफ जी रहे हैं जैसी उन्होंने सोची थी। उन सभी में हमने कुछ बेसिक और पर्टिकुलर साइन्स ऑब्जर्व किए जो उन सभी में कॉमन होते हैं और उन्हीं साइन्स ने उन्हें लाइफ में सक्सेस दिलाई। लेकिन सवाल ये आता है कि आखिर वो साइंस है क्या। तो दोस्तो आज वही साइंस मां के साथ भी शेयर करने वाले हैं जो ये शो करते हैं कि आप जल्दी ही अपनी लाइफ में सक्सेसफुल जरूर बनने वाले हैं एवं इन्हीं साइन्स ने हमें हमारी लाइफ में मदद की है। ग्रो करने में तो आइये जानते हैं वो साईंस नंबर्स ये भी सक्सेसफुल लो। मैडम वाट एक दिन एक यंग लड़का एक बहुत ही अमीर और सक्सेसफुल आदमी के घर पहुंचा और उसने उस अमीर आदमी से पूछा कि आपने इतनी अच्छी लाइफ कैसे करी। आप बहुत अमीर हैं सक्सेसफुल हैं आपके पास इतनी सारी कार है और एक बड़ा सा घर है जिसमें एक स्वीमिंग पूल भी है तो ये सुनकर वो अमीर आदमी उस लड़के को अपने उस स्विमिंग पूल के पास ले गया और बोला के इस पूल के पानी में तुम्हें क्या दिख रहा है और जैसे ही वो लड़का स्कूल में झांक रहा होता है वो अमीर आदमी उस लड़के का सर पकड़ के पानी के अंदर डाल देता है और तब तक ज़बर्दस्ती जोर से डुबा कहता है। जब तक वो लड़का तड़पने नहीं लगता और जैसे ही वो बुरी तरह से तड़पने लगता है



उसको सांस आना बंद होने लगता है। उसके बाद वो अमीर आदमी उस लड़के का सर बाहर निकाल लेता है और कहता है जब तुम जितनी बुरी तरह सांस लेने के लिए तड़पते हो। अगर उतनी ही बुरी तरह तुम सक्सेस पाने के लिए तड़प दोगे तो ही तुम लाइफ में सक्सेसफुल हो पाएंगे। तो दोस्तों अगर आपकी बजाए इस मेंटालिटी की कि पता नहीं, मैं सक्सेसफुल बनना पाउँगा या नहीं। इसकी जगह ये मेंटालिटी है के कुछ भी हो जाए। नो मैटर कितना भी टाइम क्यों न लगे। कितनी भी बड़ी प्राब्लम क्यों ना आ जाएं। मैं लाइफ में हंड्रेड परसेंट नहीं टेन। थाउजेंड परसेंट श्योर हूं कि मैं सक्सेस पा के ही रहूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए और कोई मुझे इससे रोक नहीं सकता तो आप आज नहीं तो कल जरूर सक्सेसफुल होंगे क्योंकि इन रियल्टी से ज्यादा पैसा और ज्यादा सक्सेस तो और मौत सभी को चाहिए, लेकिन इनमें से नाइंटी नाइन परसेंट लोग लाइफ में सक्सेसफुल नहीं बन पाते और सिर्फ वन परसेंट लोग ही ट्रोली रिच और सक्सेसफुल बन पाते हैं। वो इसलिए क्योंकि सक्सेस पाने की जो जर्नी होती है वो काफी टफ होती है और आखिर तक इसमें वही टिक पाता है जो सक्सेस के लिए उतना ही सीमित होता है जितनी बुरी तरह वो सांस लेना चाहता है। वैसे दोस्तों अगर आपके अंदर भी सक्सेस पाने का इतना ही जुनून है और आप इतने ही सीरियस हैं कि आप सक्सेस पाते ही रहेंगे तो बस कमेंट्स में सिर्फ सक्सेस से तो हम समझ जाएंगे कि कितने लोग सीरियस हैं। अपनी सक्सेस के लिए जो हमें ग्रोथ मैनजमेंट स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की साइकोलॉजी की प्रोफेसर कैरल दुआ कहती हैं कि दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं।



पहले वो जिनके पास फिक्स्ड मैनेजर होता है और दूसरे वो जिनका ग्रोथ मैनेजर होता है और ग्रोथ माइंडसेट वाले लोग ज्यादा सक्सेसफुल होते हैं। अब इन दोनों में फर्क क्या होता है। ये पता लगाने के लिए साइकोलोजिस्ट ने दो स्टूडेंट्स के ग्रुप को एक टास्क दिया और टास्क खत्म होने के बाद एक ग्रुप में बच्चों से कहा गया कि तुम्हें अच्छा परफॉर्म करना है क्योंकि तुम लोग बहुत टैलेंटेड हो। कॉट गिफ्टेड हो, तुम लोग पैदा ही इंटेलिजेंट हुए थे। यानी उनकी कैपेबिलिटीज फिक्स थी। वहीं दूसरे ग्रुप को कहा गया कि तुम लोगों ने अच्छा परफॉर्म करना क्योंकि तुम लोग बहुत हार्डवर्किंग हो। तुम्हारी लोडिंग कैपेसिटी अच्छी है। तुम चीजों को जल्दी डब कर लेते हो और तुम अपनी लिमिट्स पुश करना जानते हो। अब ये बोलने के बाद उन दो स्टूडेंट्स के ग्रुप को एक और टास्क दिया गया जो पहले वाले से बहुत ज्यादा मुश्किल था, पर इसके रिजल्ट्स बहुत शॉकिंग थे। जिस ग्रुप को कहा गया कि उनके रिजल्ट्स उनके टैलेंट की वजह से आए थे जो कि फिक्स थे। उन लोगों ने एक फिक्स्ड मैच डेवलप कर लिया जिसे वो चेज नहीं कर सकते और इसीलिए वो स्टार्स को अच्छे से नहीं कर पाए। वहीं जिन बच्चों से कहा गया था कि उनके जज उनकी मेहनत की वजह से आए थे, जिसे वो चाहे तो और ग्रो कर सकते हैं। उनका ग्रोथ माइनस डेवलप हो गया था, जहां उन्हें लगा था कि अगर वो ज्यादा मेहनत करेंगे। ज्यादा सीखेंगे ज्यादा नॉलेज गेन करेंगे तो उनके रिजल्ट भी उतने ही अच्छे आएंगे और दुनिया के सभी सक्सेसफुल लोगों में यही ग्रोथ मैन सब देखा जाता है। तो अगर आप भी ये मानते हैं कि आप



चाहे तो कुछ भी सीख सकते हो, कुछ भी कर सकते हो और उसके साथ साथ एक्शंस भी लेते हो तो ये एक्साइट है कि आप फ्यूचर में जरूर सक्सेसफुल बनोगे। योर पर्सनल प्रॉब्लम्स। दोनों अफेक्ट और गोल दोस्तों अगर आप अपने काम को लेकर बहुत ज्यादा ऑब्सेसिव जो आपके लिए ये मैटर नहीं करता कि आप कितने उदास हो, खुश हो या आप अपनी लाइफ के किस फेज से गुजर रहे हो। अगर आपको कोई काम करना है तो आप उस काम को कर ही लेते हो तो ये आप कोई स्ट्रॉन्ग विल पावर और क्लियर फोकस वाला पर्सन शो करता है। आप लोगों ने भी सक्सेसफुल लोगों में इस कॉमन चीज को जरूर नोटिस करना होगा कि प्रोफेशनल सक्सेसफुल लोग हमेशा अपनी पर्सनल लाइफ को अपने काम से अलग रखते हैं। सिर्फ बाहर से ही नहीं बल्कि अंदर से भी वो अपनी पर्सनल प्रॉब्लम्स, फीलिंग्स और इमोशंस को अपने काम पर हावी नहीं होने देते, जिससे कि उनके काम की जो क्वालिटी होती है वह मेन्टेन रहती है और वो ग्रोथ करते जाते हैं और ये एक बहुत ही स्मार्ट तरीका है। अपनी लाइफ जीने का। क्या आप अपनी पर्सनल लाइफ को प्रोफेशनल लाइफ से अलग रखो और अपने काम को कभी अपनी पर्सनल लाइफ जैसे रिलेशनशिप और हेल्थ को अफेक्ट मत करने दो जो लोग इस तरीके से जीते हैं, वो अपनी लाइफ के हर एरियाज में सक्सेसफुल और हैप्पी रहते हैं, वरना बाकी सब नहीं। पर्सनल लाइफ में ठीक से सक्सेसफुल हो पाते हैं और ना ही प्रोफेशनल लाइफ में जो दौड कंप्लीट रात यू फाइंड सल्यूशंस। एक बार इलोन मस्क से एक इंटरव्यू में पूछा गया कि जब आप टेस्ला की शुरुआत कर रहे थे तो उन्हें क्या?



ये नहीं लगा कि अफॉर्डेबल इलेक्ट्रिक कार बनाना एक इम्पॉसिबल टास्क है। आज तक किसी ने नहीं बनाई तो आप इतने श्योर क्यों कि आप सारी पालम को ओवरकम करके अपने गोल को अचीव कर लो तो इलोन ने जवाब देते हुए कहा कि वो इन सभी प्राब्लम्स को जानते थे पर क्योंकि उन्होंने पहले से ही सारे सल्यूशंस को ढूंढ रखा था। उन्होंने एक एक करके इलेक्ट्रिक कार बनाने के प्रोसेस को ब्रेकडाउन करना और उसमें क्या क्या प्राब्लम्स आएंगी। उन्हें एक एक करके सॉल्व करते रहे और इसी तरह वो आगे बढते गए। दोस्तो ये एक बहुत बार होता है क्योंकि चाहे आप कितने भी बहाने बना लो कितने भी रिजल्ट दे दो। क्या मुझे कोई सपोर्ट नहीं करना मेरे पास ये ये चीजें नहीं हैं। मैं कैसे करूं मेरे आगे यह प्रॉब्लम और रुकावट है तो या तो आप बस कंप्लेन करते रह सकते हो या प्राब्लम और रुकावट को एक्सेप्ट करके सॉल्यूशंस निकाल के आगे बढ़ सकते हो। और अगर आप चीजों और अपनी सिचुएशन के बारे में कंप्लेन नहीं करते और आप सिर्फ सलेक्शन पर फोकस करते हों तो आप सक्सेस के रास्ते में आने वाली हर उलझन को सुलझा के अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचोगे। यह आवाज शॉर्ट टर्म का या दोस्तो एक बहुत ही फेमस एक्सपेरिमेंट है जिसे टू मार्शमेलो टेस्ट कहा जाता है जो बच्चों को एक मार्शमेलो के साथ एक रूम में बंद कर दिया गया और कहा गया कि अगर आप इस मार्शमेलो को अभी न खाकर थोड़ी देर में खाएंगे तो आपको 1 की जगह दो मार्शमेलो मिलेंगे। अब यहां उन्हें ये नहीं बताया गया कि उन्हें कितनी देर वेट करना है। अब कुछ बच्चे खुद को कंट्रोल नहीं कर पाए और उन्होंने थोड़ी देर बाद मार्शमैलो खा ली



। लेकिन इस स्टडी के बाद ये देखा गया कि जो बच्चे खुद को रोक पाएं। फ्यूचर में मिलने वाले रिवॉर्ड के आगे इस शॉर्ट टर्म प्‍लाजा को कंट्रोल कर पाएं और जब इन बच्चों की लाइफ को 20 साल बाद तक पूरा करके देखा गया तो वो सभी बच्चे अपनी अपनी लाइफ में बहुत सक्सेसफुल थे जिन्होंने मार्शमैलो नहीं खाया था और सक्सेसफुल लोगों की कामयाबी का भी यही रीजन होता है। उनकी विल पॉवर बहुत स्ट्रांग होती है। सोशल मीडिया पान और गेमिंग जैसे छोटे मोटे इंस्टेंट शॉर्ट टम्बलर स्टेटिस्टिक के अपनी लाइफ के असली बोझ को कभी सैक्रिफाइस नहीं करते। वो आज खुद को रोकते हैं ताकि उनका कल बेहतर हो। युवा रोके विद फेल या दोस्तों। ज्यादातर लोगों को लगता है कि सक्सेस और फेलियर एक दूसरे के अपोजिट है जो इनसान सक्सेसफुल नहीं बन पाता। उसे एक फेलियर की कैटेगरी में डाल देता है और जो इस मान से जीता है वो हमेशा एक सीनियर ही रहता है। वही जो लोग अपनी लाइफ में एक्चुअल में कुछ बड़ा करते हैं, वो फेलियर से कभी घबराते नहीं वो फेलियर को अवाइड करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वो लोग सक्सेस और फेलियर को एक दूसरे का साथी मानते हैं। वो ये बात जानते हैं कि लाइफ में सक्सेस अचीव करना कोई इवेंट नहीं है तो एक दिन में वो अचानक से सक्सेसफुल हो जाएंगे बल्कि सक्सेस अचीव करना एक प्रोसेस है और इसीलिए उस प्रोसेस का एक पार्ट चार बेजोस कहते हैं कि उनकी जितनी सक्सेस की चर्चा होती उससे ज्यादा उनके फील्डर्स के बारे में बात होनी चाहिए क्योंकि एमेजॉन के सक्सेस के पीछे कई सारी ऐसी चीजें हैं, जिसमें अगर वो फेल नहीं होते तो वो एमेजॉन नहीं बना पाते। इसिलए अगर



आप भी फेल होने से नहीं डरते बल्कि आप उस फेलियर को पीलिया की तरह नहीं देखते बल्कि उसे एक लैण्डिंग की तरह देखते हैं और उससे सीखकर आगे बढने में विश्वास रखते हों तो आप सही रास्ते पर जा रहे हो। यू आर शिमरी हार्ट, वॉकिंग दोस्तो। दुनिया के सबसे अमीर आदमी होने के बाद भी एलोन मस्क हर दिन 16 घंटे से भी ज्यादा काम करते हैं। चाहे तो वो आराम से रिटायरमेंट ले सकते हैं, लेकिन वो ऐसा इसलिए नहीं करते क्योंकि उनका गोल सिर्फ अमीर बनना नहीं था, बल्कि उनका गोल अपनी लाइफ के पर्पस को फुलफिल करना है। इसीलिए वो आज भी उतनी ही मेहनत करते हैं जितनी वो बिना बनने से पहले किया करते थे। दोस्तो अगर आप एक हार्डवर्किंग पर्सन ऑफ हार्ट व करना आपके लिए सिर्फ एक हैबिट नहीं बल्कि यह आपके बिहेवियर का एक पार्ट है। एक हिस्सा है तो यही चीज आपको बाकियों से अलग बनाती है क्योंकि आज के वक्त में ज्यादातर लोग सिर्फ बातें बड़ी बड़ी करते हैं और असल में वो लेजी और अनपढ़ होते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सक्सेस हाथ से नहीं से पास सिर्फ इस स्मार्ट वर्क से मिलती है। लेकिन सच्चाई और रियलिटी तो यह कि बिना हार्ड वर्क के आप समझ ही नहीं सकते कि एक्चुअली इस स्मार्ट हैं। क्या और जब हार्डवर्क और स्मार्ट वर्क दोनों साथ में मिलते हैं तभी सक्सेस भी मिलती है। आप किसी भी सक्सेसर पर्सन के रिव्यूज को स्टडी करोगे तो वो भी यही कहते मिलेंगे कि बिना हार्डवर्क के सक्सेस नहीं मिलती। दूसरा ये वीडियो यहीं खत्म। 


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