5 मिस्टेक जो आप पानी पीते समय करते है | 5 Common mistakes | people make while drinking water

मिस्टेक जो आप पानी पीते समय करते है | 

5 Common mistakes | people make while drinking water


 आज बात होने वाली थी फैटी लिवर के लिए। मुझे लगता है अभी हम लोग उस ऊचाई तक नहीं पहुंचे हैं कि फैटी लिवर की बात करें क्योंकि ये बहुत बहुत जरूरी चीज है। इसलिए मैं कुछ जो सीढ़ियां हैं उसको बना देना चाहता हूं कि बहुत सारी चीजें हैं जो बाद में आएंगी कि मैं कह सकूंगा कि इस प्रोग्राम का आप देख लीजिए। तो वहां से आपको वह क्लियर हो जाएगा।

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फैटी लीवर में पानी का बहुत बड़ा साथ होता है और मैं आपको पांच पानी के ऐसे तरीके बता रहा हूं जो गलतियां हम लोग अपने साधारण जीवन में अधिकतर करते रहते हैं जो कि बाद में फैटी लीवर को डेवलप करने में सहायक होती है

तो आज पांच गलतियां पानी की आप देख लेते हैं।

1.पहली गलती सबसे बड़ी यह है कि बहुत ठंडा पानी बहुत ज्यादा मात्रा में पीना

कई बार लोगों ने पूछा था कि ठंडा पानी गर्म पानी पीने से कोई नुकसान पैदा होता है।

नहीं और मैंने आप लोगों से कहा भी था कि ठंडा पानी या गरम पानी पीने से केवल गले को आराम मिलता है। उसके आगे कुछ खास नहीं होता है। वजह ये होती है कि हम जो भी कुछ खाते हैं जो भी कुछ पीते हैं वो पहले हमारे आमाशय में जाता है। आमाशय हमारे खाने पीने को 37 डिग्री पर गर्म कर देता है और उसके बाद ही सारी चीजें आगे बढ़ती है

तो अगर हम लोग गुनगुना पानी पीते हैं तो शरीर को कम काम करना पड़ता है कि नहीं गुनगुना हो पहले से है।

हम लोग ठंडा पानी पीते हैं। शरीर में इतनी ताकत होती है कि यहां गले से उतरते उतरते और मामा से में जाते हैं। वैसे में पहले से ही पाचन रस भरे होते हैं। उसमें पहुंचकर वो पानी सही tarah s गर्म हो जाता है और फिर वो body main niche बढ़ना शुरू हो जाता है।

लेकिन अगर आप फ्रिज का cold पानी बहुत adhik पीते हैं। बहुत ज्यादा का मतलब ये है कि माने तो आप एक ही झटके में पूरा एक गिलास या डेढ़ गिलास पानी खाली कर दिया। आपको सीवरेज सिग्नल देता है। आपको यहां पर दर्द होना शुरू होगा। अगर आपको दर्द हो रहा है ठंडा पानी पीते समय |

इसका मतलब शरीर ये कह रहा है कि रुक रुक के पियो या मत पियो ठीक है तो पहली गलती ठंडा पानी हम लोग पी रहे हैं। अगर भी कोई चिल वॉटर पी रहे हैं और पीते समय यहां पर अगर दर्द हो रहा है और पीते चले जा रहे हैं तो हम अपने आमाशय को ठंडा कर रहे हैं। उसकी वजह से हमारे शरीर में खाने को पचाने के लिए ज्यादा एनर्जी की जरूरत होगी। आपको ज्यादा थकान लगेगी जब एनर्जी की जरूरत खाना ज्यादा पकड़ेगा तो आपका जो लीवर है उसको एनर्जी उसको ताकत कम मिलेगी और वो उतना बेहतर काम नहीं करेगा। लीवर शरीर का एक बहुत मुख्या अंग है। इसके बहुत काम होते है । इंस्पेक्टर की तरह होता है पूरे शरीर का दिक्कत रहता है। तुम ठंडा पानी एक गिलास से ज्यादा एक झटके में पीना गलत है। मत कीजिए।

अगर आपको यहां पर गले में दर्द हो रहा है।

2. दूसरा है खाना खाते समय क्या पानी पीना है?

देखिए अगर आपकी उम्र 40 के ऊपर है तब आपको खाना खाते समय पानी नहीं पीना है।

अगर आपकी उम्र 40 से नीचे है। आप स्वस्थ हैं, आप कुछ भी करें। सब चलता है

लेकिन अगर आप 40 के ऊपर है तो खाना खाने से आधे घंटे पहले या खाना खाने के 15 मिनट के बाद पानी पिए बीच में भी पी सकते हैं, लेकिन कुछ सब कुछ कुला बिल्कुल थोड़ा सा पानी पीना ये न कि पूरा पेट भर लेना है।

बहुत बार ये भी होता है कि आप पहले एक गिलास पानी पी ली जाए तो आप कम खाना खाएंगे। इसकी वजह से आपका वजन जो है वो धीरे धीरे कम होना शुरू हो जाएगा तो ये सारी चीजें कहने सुनने की है।

वजन आपका कम होगा जब आप दिमागी तौर पर khud आपको स्ट्रॉन्ग mazboot कर लेंगे के लिए चिकन तंदूरी रखा हुआ है। ये पनीर कढ़ाई रखा हुआ है। सारे पकवान बने हुए हैं, लेकिन मैं खाऊंगा तो केवल दो रोटी खाऊंगा तब आपका वजन कम होगा वरना नहीं कम होगा

तो अगर आपकी उम्र 40 के ऊपर है तो खाना खाने से ठीक पहले तो एक गिलास फुल पानी का पीने की आदत है तो वो मत करिए। उसकी वजह से आपके जो पाचन रस है वो डायल्यूट जाते हैं जो एसिड है वो डायल्यूट आता है क्योंकि आपकी उम्र 40 के ऊपर है। इसलिए आप उतनी जल्दी नया वाला नहीं बनाते

अगर आप 40 से नीचे के हैं। आपका शरीर बिल्कुल नौजवान है तो वो जल्दी से बना लेता है जो मानव शरीर है। बड़ी अजीबो गरीब बात है कि 65 साल के लिए बना है। पहले एक औसत आयु जो थी वो 55 से 65 थी।

अब दवाइयों और चिकित्सा के ज्ञान की वजह से हम लोगों की औसत आयु 80 के आसपास पहुँच गई है।

3. अगला है नलके का पानी, आरओ का पानी, बोतल का पानी या हैंडपंप का पानी लेकिन पानी जो है उसके अंदर जो मिनरल्स होते हैं, हमें उसकी जरूरत होती है।

घरों में जो सस्ते आरो RO होते हैं, आम तौर पर वो सारे मिनरल्स को खत्म कर देता है। बस  केवल पानी पानी होता है जो सस्ती है वह फेल होती है। उसके अंदर तो आरओ का पानी जो है खासतौर पर जो सस्ते आरओ है जो कि मिनरल्स को ऐड नहीं करते हैं। वो आपके शरीर से धीरे धीरे मिनरल की जो मात्रा है उनको कम करना शुरू कर देते हैं।

मिनरल की मात्रा के कम होने की वजह से हमारा लिवर वाइट में इसका उत्पादन कम करता है और लीवर जो है कंजस्टेड होना शुरू हो जाता है, जो बाद में फैटी लीवर की तरफ चलता है।

शराब जो होती है शरीर से पानी को खींच लेती है। शराब पीने वाले उसमें सोडा वगैरा भी मिलाते हैं और साथ में बहुत खाना पीना तरह तरह का रखते हैं जो कॉम्बिनेशन होता है वह खराब करता है।

शरीर को शराब उतना नहीं weak खराब करती है। पचिमी सुनते देशों में आप देखते होंगे। शराब अपने देश से ज्यादा पी जाती है, लेकिन उसके बाद भी फैटी लिवर की समस्या है।

लिवर खराब होने की समस्या वहां पर नहीं होती है क्योंकि पाश्चात देशों में यहां के देशों में शराब पीने का कॉन्सेप्ट अपने आप से बहुत अलग है। यहां पर आमतौर पर शराब खाने के बाद में पी जाती खाना होता है। साढ़े पांच से 07:00 बजे के बीच They have dinner, they eat and those who are drinking, they start around eight and a half nine.और 10 में तक पीते हैं और मैक्सिमम पियेंगे तो दो पैग पीते हैं, उससे ज्यादा नहीं पीते हैं तो शरीर को उस शराब को छानने का पूरा मौका मिल जाता है और बिस्तर पर जाने से पहले कम से कम दो ढाई गिलास पानी पीते हैं। ये बिल्कुल एक यहां का एक नियम है। शराब केवल एक मूमेंट के लिए होती है। सोने के लिए नहीं होती। इस शराब पीने से नींद का कोई संबंध नहीं है।

शराब पीने की वजह से आप अचेत हो सकते हैं, लेकिन नींद नहीं

तो बात करें कि कौन सा पानी पीना है वो पानी जिसमें मिनरल्स हों। सबसे सस्ते मिनरल पाने का तरीका यह है कि जो जमीन से निकला हुआ पानी है, हैण्डपंप को भी काफी गहराई वाला क्योंकि अब तो काफी गहराई तक दवाइयों का असर होगा। खेतों में तो केवल दवाइयां दवाइयां पड़ती है और खेतों के आसपास हैंडपंप लगे हुए उन सब में नीचे केमिकल होता है तो जो हैण्डपंप है गहराई में लगे हुए हैं। उनका पानी पी सकते हैं।

नलके वाला पानी बिल्कुल मत पीना क्योंकि वो केमिकल से ही छाना जाता है जो सरकारी नल का पानी आता है

तो आरओ का  पानी जो आरओ पानी से मिनरल को नहीं निकाल रहा है या मेमनों को वापस डाल रहा है। वो तो ठीक है लेकिन अगर बिल्कुल निकाल देना है वो किसी काम का नहीं है।

मिनरल वॉटर खरीदने से पहले देख लें कि इसमें कौन कौन से मिनरल पड़े हुए हैं। सस्ते और महंगे मिनरल वाटर में यही फर्क होता है कि जो महंगे मिनरल वॉटर की बात होती है, उसके अंदर जो मुख्य मिनरल्स होते हैं वो रहते हैं जो सस्ते होते हैं वो शायद आरओ से छान किसी ने भर दिया तो है।

क्या कुछ भी नहीं जानते तो इन सब का ख्याल रखना पानी वो पीना है जो मिनरल से भरपूर हो जिसकी आपके शरीर की जरूरत है।

आखिरी बहुत जरूरी कि भैया ज्यादा पानी न पिया करो।

ज्यादा क्या होता है अधिकांश प्लान

बोलना वक्त की भली ने जो अधिका बोला नंबर सनावद की भरी ने दो अति किसी चीज की सही नहीं है।

ज्यादा कोई भी चीज सही नहीं है।

ज्यादा पानी पिएंगे नुकसान होगा, लेकिन उतना नुकसान नहीं होगा तो ज्यादा पानी पीने का मतलब क्या होता ज्यादा पानी पीने का मतलब ये होता है कि अगर आप दिन भर में आठ गिलास से ज्यादा पानी पी रहे। तो आपके शरीर में पानी की मात्रा ज्यादा हो रही है।

मतलब की ज्यादा पानी पी रहे है तो भी किडनी को ज्यादा काम करना पड़ रहा है और अगर कम पानी पी रहे हैं तो भी किडनी को बचाना काम करना पड़ रहा है। मतलब कि एक है ऐसा कि बिल्कुल इतना गाढ़ा मटीरियल है कि किडनी को छानने में परेशानी हो रही है और छानते छानते वहां पर थक्के जम रहे हैं जो कि बाद में किडनी स्टोन मजारा किडनी को समस्या वहां पर ज्यादा है।

एक है कि पानी बहुत ज्यादा है। छानना तो आसान है, लेकिन बहुत ज्यादा छानना पड़ता है तो मध्यमार्ग रखिए। दिन भर में 4 से 7 गिलास पानी पीजिए, लेकिन चार से कम भी मत कीजिए। सात से ज्यादा करने की जरूरत नहीं है।

पानी जो है इसको आप संभाल लिए ये बाद में आपके लीवर वाली समस्याएं जो है उनमें सहायक होता है उनमें उनको हटाने में मदद करता है तो ये दो प्रोग्राम है जो कि फैटी लीवर से कनेक्टेड है कि जो शराब से और खाने पीने की वजह से फैट लिवर में बढ़ना शुरू हो जाता है।

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